सचिन तेंदुलकर का नाम आते ही क्रिकेट प्रेमियों को उनके शतक याद आ जाते हैं। 1989 से 2013 तक 24 साल लंबे करियर में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाए, जो आज भी एक अनोखा रिकॉर्ड है। इस लेख में सचिन तेंदुलकर के सभी टेस्ट और वनडे शतकों की पूरी लिस्ट और उनकी सबसे यादगार पारियां हैं।
2011 में जब भारत ने 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप जीता, तब विराट कोहली ने कहा था कि सचिन ने 21 साल तक देश की उम्मीदों का बोझ उठाया, अब उन्हें कंधों पर उठाने की बारी हमारी है। यह एक वाक्य बताता है कि भारतीय क्रिकेट में सचिन की क्या जगह है।
सचिन तेंदुलकर के शतक: टेस्ट और वनडे
सचिन तेंदुलकर ने कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए: 51 टेस्ट में और 49 वनडे में। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने वाले वह इकलौते खिलाड़ी हैं। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 200 रन बनाकर वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले पुरुष क्रिकेटर बने।
वनडे में 49 शतकों का उनका रिकॉर्ड नवंबर 2023 में विराट कोहली ने तोड़ा, जब उन्होंने वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में अपना 50वां वनडे शतक लगाया। टेस्ट में सबसे ज्यादा शतक (51) और सबसे ज्यादा रन (15,921) का रिकॉर्ड अब भी सचिन के नाम है। सचिन ने भारत के लिए सिर्फ एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला, इसलिए इस फॉर्मेट में उनका कोई शतक नहीं है।
सचिन तेंदुलकर के टेस्ट शतकों की लिस्ट
| क्रम | रन | विपक्षी टीम | मैदान | तारीख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 119* | इंग्लैंड | मैनचेस्टर | 9 अगस्त 1990 |
| 2 | 148* | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 2 जनवरी 1992 |
| 3 | 114 | ऑस्ट्रेलिया | पर्थ | 1 फरवरी 1992 |
| 4 | 111 | दक्षिण अफ्रीका | जोहान्सबर्ग | 26 नवंबर 1992 |
| 5 | 165 | इंग्लैंड | चेन्नई | 11 फरवरी 1993 |
| 6 | 104* | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 27 जुलाई 1993 |
| 7 | 142 | श्रीलंका | लखनऊ | 18 जनवरी 1994 |
| 8 | 179 | वेस्टइंडीज | नागपुर | 1 दिसंबर 1994 |
| 9 | 122 | इंग्लैंड | बर्मिंघम | 6 जून 1996 |
| 10 | 177 | इंग्लैंड | नॉटिंघम | 4 जुलाई 1996 |
| 11 | 169 | दक्षिण अफ्रीका | केप टाउन | 2 जनवरी 1997 |
| 12 | 143 | श्रीलंका | कोलंबो (RPS) | 2 अगस्त 1997 |
| 13 | 139 | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 9 अगस्त 1997 |
| 14 | 148 | श्रीलंका | मुंबई (वानखेड़े) | 3 दिसंबर 1997 |
| 15 | 155* | ऑस्ट्रेलिया | चेन्नई | 6 मार्च 1998 |
| 16 | 177 | ऑस्ट्रेलिया | बेंगलुरु | 25 मार्च 1998 |
| 17 | 113 | न्यूजीलैंड | वेलिंगटन | 26 दिसंबर 1998 |
| 18 | 136 | पाकिस्तान | चेन्नई | 28 जनवरी 1999 |
| 19 | 124* | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 24 फरवरी 1999 |
| 20 | 126* | न्यूजीलैंड | मोहाली | 10 अक्टूबर 1999 |
| 21 | 217 | न्यूजीलैंड | अहमदाबाद | 29 अक्टूबर 1999 |
| 22 | 116 | ऑस्ट्रेलिया | मेलबर्न | 26 दिसंबर 1999 |
| 23 | 122 | जिम्बाब्वे | दिल्ली | 18 नवंबर 2000 |
| 24 | 201* | जिम्बाब्वे | नागपुर | 25 नवंबर 2000 |
| 25 | 126 | ऑस्ट्रेलिया | चेन्नई | 18 मार्च 2001 |
| 26 | 155 | दक्षिण अफ्रीका | ब्लोमफोंटेन | 3 नवंबर 2001 |
| 27 | 103 | इंग्लैंड | अहमदाबाद | 11 दिसंबर 2001 |
| 28 | 176 | जिम्बाब्वे | नागपुर | 21 फरवरी 2002 |
| 29 | 117 | वेस्टइंडीज | पोर्ट ऑफ स्पेन | 19 अप्रैल 2002 |
| 30 | 193 | इंग्लैंड | लीड्स | 22 अगस्त 2002 |
| 31 | 176 | वेस्टइंडीज | कोलकाता (ईडन गार्डन्स) | 30 अक्टूबर 2002 |
| 32 | 241* | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 2 जनवरी 2004 |
| 33 | 194* | पाकिस्तान | मुल्तान | 28 मार्च 2004 |
| 34 | 248* | बांग्लादेश | ढाका | 10 दिसंबर 2004 |
| 35 | 109 | श्रीलंका | दिल्ली | 10 दिसंबर 2005 |
| 36 | 101 | बांग्लादेश | चटगांव | 18 मई 2007 |
| 37 | 122* | बांग्लादेश | मीरपुर | 25 मई 2007 |
| 38 | 154* | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 2 जनवरी 2008 |
| 39 | 153 | ऑस्ट्रेलिया | एडिलेड | 24 जनवरी 2008 |
| 40 | 109 | ऑस्ट्रेलिया | नागपुर | 6 नवंबर 2008 |
| 41 | 103* | इंग्लैंड | चेन्नई | 11 दिसंबर 2008 |
| 42 | 160 | न्यूजीलैंड | हैमिल्टन | 18 मार्च 2009 |
| 43 | 100* | श्रीलंका | अहमदाबाद | 16 नवंबर 2009 |
| 44 | 105* | बांग्लादेश | चटगांव | 17 जनवरी 2010 |
| 45 | 143 | बांग्लादेश | मीरपुर | 24 जनवरी 2010 |
| 46 | 100 | दक्षिण अफ्रीका | नागपुर | 6 फरवरी 2010 |
| 47 | 106 | दक्षिण अफ्रीका | कोलकाता (ईडन गार्डन्स) | 14 फरवरी 2010 |
| 48 | 203 | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 26 जुलाई 2010 |
| 49 | 214 | ऑस्ट्रेलिया | बेंगलुरु | 9 अक्टूबर 2010 |
| 50 | 111* | दक्षिण अफ्रीका | सेंचुरियन | 16 दिसंबर 2010 |
| 51 | 146 | दक्षिण अफ्रीका | केप टाउन | 2 जनवरी 2011 |
तारीख टेस्ट मैच के शुरू होने की है।
सचिन तेंदुलकर के वनडे शतकों की लिस्ट
| क्रम | रन | विपक्षी टीम | मैदान | तारीख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 110 | ऑस्ट्रेलिया | कोलंबो (RPS) | 9 सितंबर 1994 |
| 2 | 115 | न्यूजीलैंड | वडोदरा | 28 अक्टूबर 1994 |
| 3 | 105 | वेस्टइंडीज | जयपुर | 11 नवंबर 1994 |
| 4 | 112* | श्रीलंका | शारजाह | 9 अप्रैल 1995 |
| 5 | 127* | केन्या | कटक | 18 फरवरी 1996 |
| 6 | 137 | श्रीलंका | दिल्ली | 2 मार्च 1996 |
| 7 | 100 | पाकिस्तान | सिंगापुर | 5 अप्रैल 1996 |
| 8 | 118 | पाकिस्तान | शारजाह | 15 अप्रैल 1996 |
| 9 | 110 | श्रीलंका | कोलंबो (RPS) | 28 अगस्त 1996 |
| 10 | 114 | दक्षिण अफ्रीका | मुंबई (वानखेड़े) | 14 दिसंबर 1996 |
| 11 | 104 | जिम्बाब्वे | बेनोनी | 9 फरवरी 1997 |
| 12 | 117 | न्यूजीलैंड | बेंगलुरु | 14 मई 1997 |
| 13 | 100 | ऑस्ट्रेलिया | कानपुर | 7 अप्रैल 1998 |
| 14 | 143 | ऑस्ट्रेलिया | शारजाह | 22 अप्रैल 1998 |
| 15 | 134 | ऑस्ट्रेलिया | शारजाह | 24 अप्रैल 1998 |
| 16 | 100* | केन्या | कोलकाता (ईडन गार्डन्स) | 31 मई 1998 |
| 17 | 128 | श्रीलंका | कोलंबो (RPS) | 7 जुलाई 1998 |
| 18 | 127* | जिम्बाब्वे | बुलावायो | 26 सितंबर 1998 |
| 19 | 141 | ऑस्ट्रेलिया | ढाका | 28 अक्टूबर 1998 |
| 20 | 118* | जिम्बाब्वे | शारजाह | 8 नवंबर 1998 |
| 21 | 124* | जिम्बाब्वे | शारजाह | 13 नवंबर 1998 |
| 22 | 140* | केन्या | ब्रिस्टल | 23 मई 1999 |
| 23 | 120 | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 29 अगस्त 1999 |
| 24 | 186* | न्यूजीलैंड | हैदराबाद | 8 नवंबर 1999 |
| 25 | 122 | दक्षिण अफ्रीका | वडोदरा | 17 मार्च 2000 |
| 26 | 101 | श्रीलंका | शारजाह | 20 अक्टूबर 2000 |
| 27 | 146 | जिम्बाब्वे | जोधपुर | 8 दिसंबर 2000 |
| 28 | 139 | ऑस्ट्रेलिया | इंदौर | 31 मार्च 2001 |
| 29 | 122* | वेस्टइंडीज | हरारे | 4 जुलाई 2001 |
| 30 | 101 | दक्षिण अफ्रीका | जोहान्सबर्ग | 5 अक्टूबर 2001 |
| 31 | 146 | केन्या | पार्ल | 24 अक्टूबर 2001 |
| 32 | 105* | इंग्लैंड | चेस्टर-ले-स्ट्रीट | 4 जुलाई 2002 |
| 33 | 113 | श्रीलंका | ब्रिस्टल | 11 जुलाई 2002 |
| 34 | 152 | नामीबिया | पीटरमैरिट्जबर्ग | 23 फरवरी 2003 |
| 35 | 100 | ऑस्ट्रेलिया | ग्वालियर | 26 अक्टूबर 2003 |
| 36 | 102 | न्यूजीलैंड | हैदराबाद | 15 नवंबर 2003 |
| 37 | 141 | पाकिस्तान | रावलपिंडी | 16 मार्च 2004 |
| 38 | 123 | पाकिस्तान | अहमदाबाद | 12 अप्रैल 2005 |
| 39 | 100 | पाकिस्तान | पेशावर | 6 फरवरी 2006 |
| 40 | 141* | वेस्टइंडीज | कुआलालंपुर | 14 सितंबर 2006 |
| 41 | 100* | वेस्टइंडीज | वडोदरा | 31 जनवरी 2007 |
| 42 | 117* | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 2 मार्च 2008 |
| 43 | 163* | न्यूजीलैंड | क्राइस्टचर्च | 8 मार्च 2009 |
| 44 | 138 | श्रीलंका | कोलंबो (RPS) | 14 सितंबर 2009 |
| 45 | 175 | ऑस्ट्रेलिया | हैदराबाद | 5 नवंबर 2009 |
| 46 | 200* | दक्षिण अफ्रीका | ग्वालियर | 24 फरवरी 2010 |
| 47 | 120 | इंग्लैंड | बेंगलुरु | 27 फरवरी 2011 |
| 48 | 111 | दक्षिण अफ्रीका | नागपुर | 12 मार्च 2011 |
| 49 | 114 | बांग्लादेश | मीरपुर | 16 मार्च 2012 |
सचिन तेंदुलकर के सबसे यादगार शतक
सचिन के लगभग हर शतक की अपनी कहानी है, लेकिन कुछ पारियां ऐसी हैं जिन्हें क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूलते।
टेस्ट में सचिन के यादगार शतक
114 बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ 1992
पर्थ का पुराना वाका मैदान दुनिया की सबसे तेज और उछाल भरी पिचों के लिए मशहूर था। फरवरी 1992 में सिर्फ 18 साल के सचिन ने यहां ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के खिलाफ 114 रन बनाए। इस पारी को आज भी उनके सबसे बेहतरीन टेस्ट शतकों में गिना जाता है।
155* बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई 1998
1998 सचिन के करियर का सबसे शानदार साल माना जाता है। चेन्नई टेस्ट में भारत पहली पारी में 71 रन से पीछे था और शेन वॉर्न ने सचिन को पहली पारी में सस्ते में आउट किया था। दूसरी पारी में सचिन ने 191 गेंदों पर नाबाद 155 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के थे। भारत ने यह टेस्ट 179 रन से जीता।
136 बनाम पाकिस्तान, चेन्नई 1999
जनवरी 1999 के चेन्नई टेस्ट में भारत को जीत के लिए 271 रन चाहिए थे और टीम 82 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी। पीठ दर्द से जूझते हुए सचिन ने नयन मोंगिया के साथ छठे विकेट के लिए 136 रन जोड़े और खुद 136 रन बनाए। जब वह आउट हुए, तब भारत को सिर्फ 17 रन चाहिए थे, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके और भारत 12 रन से हार गया।
155 बनाम दक्षिण अफ्रीका, ब्लोमफोंटेन 2001
नवंबर 2001 में ब्लोमफोंटेन टेस्ट के पहले सेशन में ही भारत के चार विकेट गिर गए थे। सचिन ने जवाबी हमला किया और डेब्यू कर रहे वीरेंद्र सहवाग के साथ पांचवें विकेट के लिए 220 रन जोड़े। सचिन ने 184 गेंदों पर 155 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और एक छक्का शामिल था। सहवाग ने भी अपने पहले ही टेस्ट में शतक लगाया।
111* बनाम दक्षिण अफ्रीका, सेंचुरियन 2010
दिसंबर 2010 में सेंचुरियन टेस्ट में भारत पहली पारी में 136 रन पर ऑलआउट हो गया और दक्षिण अफ्रीका ने 620/4 पर पारी घोषित की। डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल के सामने सचिन ने दूसरी पारी में नाबाद 111 रन बनाए और एमएस धोनी (90) के साथ सातवें विकेट के लिए 172 रन जोड़े। भारत मैच नहीं बचा सका, लेकिन स्टेन और सचिन की यह टक्कर आज भी याद की जाती है।
वनडे में सचिन के यादगार शतक
200* बनाम दक्षिण अफ्रीका, ग्वालियर 2010
सचिन इससे पहले भी दोहरे शतक के करीब पहुंचे थे: 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 186, 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 163 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 रन। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर में उन्होंने इतिहास रच दिया। 90 गेंदों पर शतक पूरा करने के बाद उन्होंने आखिरी ओवर में 200 रन पूरे किए। 147 गेंदों की इस पारी में 25 चौके और 3 छक्के थे।
143 और 134 बनाम ऑस्ट्रेलिया, शारजाह 1998
शारजाह की ये दो पारियां ‘डेजर्ट स्टॉर्म’ के नाम से मशहूर हैं। 22 अप्रैल 1998 को रेत के तूफान के बाद भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए रन रेट के हिसाब से एक तय स्कोर तक पहुंचना था। सचिन ने 131 गेंदों पर 143 रन बनाकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। दो दिन बाद, अपने 25वें जन्मदिन पर, उन्होंने फाइनल में 131 गेंदों पर 134 रन बनाए और भारत ने 273 रन का लक्ष्य 6 विकेट से हासिल कर खिताब जीता।
117* बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी 2008
2008 की सीबी सीरीज के ‘बेस्ट ऑफ थ्री’ फाइनल के पहले मैच में भारत को 240 रन का लक्ष्य मिला था। सचिन ने 120 गेंदों पर नाबाद 117 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई। दूसरे फाइनल में उन्होंने 91 रन बनाए और भारत ने ऑस्ट्रेलिया में यह त्रिकोणीय सीरीज जीती।
175 बनाम ऑस्ट्रेलिया, हैदराबाद 2009
सात मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर थी और ऑस्ट्रेलिया ने 351 रन का लक्ष्य दिया। सचिन ने 141 गेंदों पर 175 रन बनाए, जिसमें 19 चौके और 4 छक्के थे। जब वह आउट हुए, भारत को 17 गेंदों पर 18 रन चाहिए थे, लेकिन टीम 3 रन से हार गई।
141 बनाम पाकिस्तान, रावलपिंडी 2004
330 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सचिन ने शोएब अख्तर, मोहम्मद सामी और शाहिद अफरीदी के सामने 135 गेंदों पर 141 रन बनाए। बाकी कोई बल्लेबाज 36 रन से आगे नहीं जा सका और भारत 12 रन से हार गया, लेकिन सचिन प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
सचिन तेंदुलकर का करियर: एक नजर में
सचिन ने भारत के लिए 200 टेस्ट, 463 वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल खेला। इतना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट किसी और खिलाड़ी ने नहीं खेला।
| फॉर्मेट | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट | शतक | अर्धशतक | सर्वोच्च |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 200 | 15921 | 53.78 | – | 51 | 68 | 248* |
| वनडे | 463 | 18426 | 44.83 | 86.23 | 49 | 96 | 200* |
| टी20I | 1 | 10 | 10.00 | 83.33 | 0 | 0 | 10 |
सचिन तेंदुलकर का सफर
सचिन तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में हुआ। 1983 में कपिल देव की टीम के वर्ल्ड कप जीतने से उनका क्रिकेट के प्रति लगाव और बढ़ गया। उनके भाई अजीत उन्हें मशहूर कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारा।
1988 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में विनोद कांबली के साथ 664 रन की साझेदारी से सचिन सुर्खियों में आए। उसी साल 15 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में शतक लगाया। नवंबर 1989 में सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने कराची में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया।
17 साल की उम्र में अगस्त 1990 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया। 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार वनडे में ओपनिंग करते हुए उन्होंने 49 गेंदों पर 82 रन बनाए और इसके बाद वह वनडे इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
चोटों से लड़ाई
2004 से 2006 का दौर सचिन के करियर का सबसे मुश्किल समय था। टेनिस एल्बो की चोट के कारण वह लंबे समय तक बाहर रहे और उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। उन्होंने खुद बताया है कि उस दौरान वह प्लास्टिक का बल्ला तक नहीं उठा पाते थे। लंबे रिहैब के बाद उन्होंने शानदार वापसी की।
वर्ल्ड कप का लंबा इंतजार
1996 और 2003 के वर्ल्ड कप में सचिन का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन भारत 1996 में सेमीफाइनल में श्रीलंका से और 2003 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया। 2007 में भारत ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया। इसके बाद सचिन के करियर का दूसरा सुनहरा दौर आया: 2007 वर्ल्ड कप के बाद से 2011 वर्ल्ड कप तक उन्होंने टेस्ट और वनडे मिलाकर 23 शतक लगाए।
2011 वर्ल्ड कप में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाए और सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 85 रन की अहम पारी खेली। फाइनल में श्रीलंका को हराकर भारत चैंपियन बना और सचिन का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ। मार्च 2012 में मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया और नवंबर 2013 में अपने 200वें टेस्ट के बाद संन्यास ले लिया।
अंग्रेजी में पढ़ें: Sachin Tendulkar centuries in international cricket


